एक बच्चे  पर  Parents का Pressure पढ़े हिंदी में motivational story व हिंदी कहानी.

आज सारी दुनिया tension में dipression में डूबी  हुई है | मैं आपसे direct बात करूँगा कि ये सारा pressure कैसे बनता है ?

 एक बच्चे  पर  Parents का Pressure :-

आजकल Parents बच्चों पर  Pressure बनाना  स्टार्ट कर देते है| Parents अपने  बच्चे की  सोच पर ध्यान नहीं देते है कि हमारा बच्चा क्या चाहता है? आज के वक्त में समाज एक व्यक्ति के सामने कितनी अर्चने पैदा करता है,एक व्यक्ति को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है , क्यों कि हर एक इंसान अपनी  लाइफ में आगे बढ़ना चाहता है और ये समाज उसे आगे बढने से रोकता है| एक class में हजार बच्चे है और हर बच्चा एक दुसरे से अलग है| हर एक बच्चे को ही आगे निकलना है, हर एक बच्चे में different qualities होती हैं | Study में  अगर कोई व्यक्ति अच्छा है तो आगे निकलना थोड़ा आसान हो जाता हैं ,मगर  कोई व्यक्ति study में थोड़ा कमज़ोर है तो हमारी Society उस व्यक्ति पर  Unnecessory Pressure क्रिएट कर देती है| Society उसकी CREATIVITY  पर दस सवाल उठाती है और इसी कारण नाजाने कितने हजार  करोड़ बच्चे अपनी जिन्दगी  को खत्म कर लेते हैं और सिर्फ यही reason नहीं है SUCIDE  का, इसके और भी बहुत reasons हैं|The Main  Reason Is The Generation Gap Between The Parents & Their Childrens. समाज में mainly middle class family में होता है| HINDU COMMUNITY में बहुत सारे परिवार एसे होते है जो बच्चे को समझने की बजाए उन पर अपनी सोच थोपते है| Parents अपने बच्चों के साथ friendly relationship नहीं बनाते हैं| और इसका नतीजा होता है कि बच्चे गलत संगत में चले जाते हैं| जिसके कारण उन्हें stress फील होता है| और अपने mind पर खुद का कण्ट्रोल न होने के कारण वे बच्चे  sucide कर लेते हैं|

Hindi Motivational Story

Generation गैप , समाज का unnecessary pressure , गलत संगत , गलत friends , घर में parents के बीच लड़ाई होना , ऐसे न जाने कितने reasons है जिसके कारण एक बच्चा इतने stress और dipression  से गुजरता है और last में sucide कर लेता है|

अब पॉइंट ये  उठता है की  इन चीजों को खत्म कैसे किया जाए , कैसे कम किया जाये….??????? हमारे यहाँ बहुत  से institute हैं जो बच्चों की motivational classes लेती हैं , काउंसिलिंग टीम्स  है जो हर possible कोशिश करते है वो करने की जो वो अपने level पर बच्चों के लिए कर  सकते हैं| Parents अपने level पर क्या कर सकते हैं  जिससे वे अपने बच्चों को dipression और stress….???? बच्चों को stress करने के बोहत सलूशन हैं| Parents को बच्चों की thinking को समझना चाहिए ,अगर बच्चे में कोई quality है , किसी चीज को करने का पैशन है तो parents को उस चीज को करने के लिए बच्चे को motivate करना चाहिए| बहुत बार बच्चे ये decide भी नही कर पाते की उन्हें किस फील्ड में जाना है??? तो उस समय पर उस बच्चे को डांटने की बजाए उसकी बात को समझना चाहिए| उन से प्यार से बात करें और उन्हें seminars अटेंड करवाएं| हर फील्ड के लिए अलग councling होती हैं जहाँ  parents को अपने बच्चों को लेकर जाना चाहिए|  जिससे बच्चे  अपने interst को अपने पसंद के फील्ड में develop कर पाए, अगर study में इंटरेस्ट नहीं है तो जिस फील्ड में इंटरेस्ट है उसी फील्ड में अपना time और महेनत दोनों लगाएं| पेरेंट्स को अपने बच्चों से फ्रेंडली टॉक करना चाहिए| बच्चों के साथ friendly रिलेशन बनाओ, generation गैप को खत्म करो| क्योंकि एक बच्चा जब अपनी changing आगे से गुजरता है , जब उससे अपनी लाइफ के इम्पोर्टेन्ट desicion लेना होता है  उस टाइम पर उसे सही knowledge  और सही direction देने वाले इन्सान की जरूरत होती है और ऐसे टाइम पर parents से अच्छा साथ एक बच्चे के लिए नहीं हो सकता है| Parents का अपने बच्चों के साथ एक फ्रेंडली रिलेशन बनाना बौत जरूरी है,क्योंकि जब पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ फ्रेंडली बात करेंगे तभी बच्चे पेरेंट्स को अपना फ्रेंड समझकर उनसे हर बात share करेंगे| पेरेंट्स के फ्रेंडली behaviour, और positive environment बच्चों की  negative थॉट दूर होंगे और उन्हें पॉजिटिव वाइब्स मिलेंगी तो वो जिस फील्ड में जाएंगे उसमे अपना 100% देंगे|

In last मैं आपको कहना चाहुँगा की जितना हो सके अपने आप में positiveness लाए| क्योंकि जितनी positiveness आपके अंदर होगी उतना ही positive आपका environment होगा| तो कोशिश कीजिये की जितना ज्यादा हो सके खुश रहिये और स्ट्रेस फ्री रहिये| क्योंकि life बोहुत छोटी सी होती है, हमारे पास ज्यादा time नही होता है तो जितना हो सके खुश रहिये क्योंकि न जाने कितने लोग आपकी ख़ुशी में खुश रहते है| So thanku guys मेरी ये स्टोरी पढने के लिए I hope की आप लोग सब मेरी कही हुई बातों पर थोडा ध्यान देंगें , खुद के लिए नहीं तो अपनी family के लिए|

2 Comments

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  1. Such an motivational story

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